चर्चा

Saturday, January 19, 2019

आईजी जम्मू एमके सिन्हा पुलिस पब्लिक के रिश्ते को मजबूत किया जाए हर थाने में लोगों के साथ प्यारा व्यवहार किया जाए महिला कर्मचारियों की तैनाती बढाई जाएगी जम्मू आईजी जम्मू एमके सिन्हा ने जम्मू संभाग में बतौर आईजी चार्ज लेने के बाद कई तरह के बदलाव किए है। जिसमें दस जिलों के एसएसपी को साफ कहा गया है कि वह अपने जिलों के थानों में पुलिस तथा पब्लिक के बीच में रिश्ते को मजबूत करे। जिससे की लोगों को थाने में आते हुए किसी प्रकार का डर ना हो। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस के थानेदारों को कहा है कि वह अपने अपने इलाकों में पब्लिक बैठके करे। जिससे की पुलिस को जनता के बीच में लाया जा सके। इसके अलावा हर थाने में महिला कर्मचारियों की गिनती को बढाया जाएगा। जिससे की अगर कोई महिला थाने में किसी प्रकार की शिकायत लेकर आती है। तो उसे घर जैया माहौल मिल सके। उसे अपनी शिकायत देने में कोई परेशानी महसूस ना हो सके। इसके अलावा थानों में किसी प्रकार की रिश्वत की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। जिले के एसएसपी को कहा गया है कि वह हर माह आईजी आफिस में जिले के कामकाज की रिपोर्ट दे। जिससे की पता लग सके कि क्राइम रेट को कम करने के लिए क्या प्रयास किया जा रहे है। सिन्हा 1996 बैच के आईपीएस अफसर है। वह राज्य में ट्रेनिंग के बाद बतौर एसडीपीओ सांबा तैनात हुए। उनकी पहली पोस्टिंग सांबा में थी। उसके बाद वह एसएसपी बार्डर जम्मू, एसएसपी राजौरी, विजीलेंस, एसएसपी कठुआ, एआईजी ट्रेनिंग पीएचक्यू तैनात हुए। उसके बाद वह डेपोटेशन लेकर चले गए। दिल्ली में वह केविनेट सचिवालय में तैनात रहे। लंबे समय त तैनात रहते हुए उन्हें प्रमोशन मिली और वह डीआईजी बन गए। उसके बाद वापस राज्य में आए। यहा पर वह डीआईजी डोडा, किश्तवाड, रामवन तैनात हुए। उसके बाद राजौरी पुंछ के डीआईजी लगे। बाद में फिर से डेपोटेशन लेकर दिल्ली चले गए। दिल्ली में वह सीवीआई में बतौर ज्वाइंट डायरेक्टर एंटी क्रपशन जोन में तैनत रहे। लंबा समय तैनात रहते हुए उन्हें प्रमोशन मिली और वह आईजी बने। उसके बाद वापसी राज्य में हुई। यहां वापस आते ही उन्हें आईजी जम्मू लगा दिया गया। अपने काम के लिए जाने जाते है सिन्हा इसलिए उन्हें आते ही संभाग की सबसे बडी जगह पर लगा दिया गया है। वह चीजों को मैनेज करते है। करीब एक माह से वह कामकाज को संभाल रहे है। इस दौरान वह कई जिलों में खुद जाकर काम को देख चुके है। जिससे की जवानों का हौंसला बढाया जा सके। उन्होंने संभाग के कर्मचारियों को साफ तौर पर कहा हुआ है कि अगर किसी को कोई भी विभागीय परेशानी हो तो वह सीधा उनके कार्यालय में अइा सकता है। इतना ही नहीं सभी थानेदारों को अपने कामकाज की समीक्षा देने के लिए कहा जाता है। जिससे की हर थाना स्तर पर पुलिस के काम को बेहतर बनाया जा सके।

आईजी जम्मू एमके सिन्हा पुलिस पब्लिक के रिश्ते को मजबूत किया जाए हर थाने में लोगों के साथ प्यारा व्यवहार किया जाए महिला कर्मचारियों की तैनाती बढाई जाएगी जम्मू आईजी जम्मू एमके सिन्हा ने जम्मू संभाग में बतौर आईजी चार्ज लेने के बाद कई तरह के बदलाव किए है। जिसमें दस जिलों के एसएसपी को साफ कहा गया है कि वह अपने जिलों के थानों में पुलिस तथा पब्लिक के बीच में रिश्ते को मजबूत करे। जिससे की लोगों को थाने में आते हुए किसी प्रकार का डर ना हो। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस के थानेदारों को कहा है कि वह अपने अपने इलाकों में पब्लिक बैठके करे। जिससे की पुलिस को जनता के बीच में लाया जा सके। इसके अलावा हर थाने में महिला कर्मचारियों की गिनती को बढाया जाएगा। जिससे की अगर कोई महिला थाने में किसी प्रकार की शिकायत लेकर आती है। तो उसे घर जैया माहौल मिल सके। उसे अपनी शिकायत देने में कोई परेशानी महसूस ना हो सके। इसके अलावा थानों में किसी प्रकार की रिश्वत की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। जिले के एसएसपी को कहा गया है कि वह हर माह आईजी आफिस में जिले के कामकाज की रिपोर्ट दे। जिससे की पता लग सके कि क्राइम रेट को कम करने के लिए क्या प्रयास किया जा रहे है। सिन्हा 1996 बैच के आईपीएस अफसर है। वह राज्य में ट्रेनिंग के बाद बतौर एसडीपीओ सांबा तैनात हुए। उनकी पहली पोस्टिंग सांबा में थी। उसके बाद वह एसएसपी बार्डर जम्मू, एसएसपी राजौरी, विजीलेंस, एसएसपी कठुआ, एआईजी ट्रेनिंग पीएचक्यू तैनात हुए। उसके बाद वह डेपोटेशन लेकर चले गए। दिल्ली में वह केविनेट सचिवालय में तैनात रहे। लंबे समय त तैनात रहते हुए उन्हें प्रमोशन मिली और वह डीआईजी बन गए। उसके बाद वापस राज्य में आए। यहा पर वह डीआईजी डोडा, किश्तवाड, रामवन तैनात हुए। उसके बाद राजौरी पुंछ के डीआईजी लगे। बाद में फिर से डेपोटेशन लेकर दिल्ली चले गए। दिल्ली में वह सीवीआई में बतौर ज्वाइंट डायरेक्टर एंटी क्रपशन जोन में तैनत रहे। लंबा समय तैनात रहते हुए उन्हें प्रमोशन मिली और वह आईजी बने। उसके बाद वापसी राज्य में हुई। यहां वापस आते ही उन्हें आईजी जम्मू लगा दिया गया। अपने काम के लिए जाने जाते है सिन्हा इसलिए उन्हें आते ही संभाग की सबसे बडी जगह पर लगा दिया गया है। वह चीजों को मैनेज करते है। करीब एक माह से वह कामकाज को संभाल रहे है। इस दौरान वह कई जिलों में खुद जाकर काम को देख चुके है। जिससे की जवानों का हौंसला बढाया जा सके। उन्होंने संभाग के कर्मचारियों को साफ तौर पर कहा हुआ है कि अगर किसी को कोई भी विभागीय परेशानी हो तो वह सीधा उनके कार्यालय में अइा सकता है। इतना ही नहीं सभी थानेदारों को अपने कामकाज की समीक्षा देने के लिए कहा जाता है। जिससे की हर थाना स्तर पर पुलिस के काम को बेहतर बनाया जा सके।

Saturday, September 16, 2017

आईपीएस का जुगाड आईपीएस बाहर रहते हुए ले गया डेपोटेशन पांच सालों के लिए एनआईए में डेपोटेशन लिया एक साल से पढाई के लिए बाहर था अफसर ज मू राज्य कैंडर का एक आईपीएस बाहर रहते हुए ही डेपोटेशन ले गया है। उसने एनआईए में पांच सालों के लिए अपने डेपोटेशन को मंजूरी दिलवा ली है। एमएचए से फाइल क्लीयर होने के बाद अब उसकी फाइल राज्य सरकार के पास आई है। एमएचए की तरफ से उसे जल्द मुक्त करके भेजने के लिए कहा गया है। इस समय अफसर पिछले एक साल से पढाई के लिए बाहर चल रहा था। वह विदेश में एलएलएम के कोर्स के लिए गया था। लेकिन बाहर तैनात रहते हुए ही अपने लिंक का इस्तेमाल करके डेपोटेशन मैनेज कर लिया गया। इस समय वह राज्य में बतौर आईजी पोस्ट पर है। लेकिन डेपोटेशन पर जाने में उसे एनआईए में बतौर डीआईजी लगाया गया है। जानकारी के अनुसार उक्त अफसर राज्य में एक बेहतर जगह पर तैनात था। उसे जम्मू संभाग में एक विंग की कमान दी गई थी। लेकिन कुछ समय बाद ही उसने एक साल का डेपोटेशन लिया। जिसमें विदेश में एलएलएम कोर्स करने का तर्क दिया गया। सरकार की तरफ से उसे मंजूरी दी गई। जिसके बाद पिछले साल सितंबर माह में वह चला गया था। लेकिन बाहर रहते हुए ही उसने एमएचए में सक्रिय अपने लिंक का इस्तेमाल करके एनआईए में पांच सालों का डेपोटेशन ले लिया है। एमएचए की तरफ से राज्य सरकार को पत्र भेजा गया है। जिसमें कहा गया कि उसे पांच सालों के लिए एनआईए में डेपोटेशन पर बतौर डीआईजी लगाया जा रहा है। इसलिए उसे तुंरत रिलीव किया जाए। जिससे की वह आगे ज्वाइन करके अपनी जिम्मेदारी को निभा सके। उक्त अफसर पहले भी डेपोटेशन पर बाहर तैनात रह चुका है। लंबा समय बाहर लगाने के बाद राज्य में वापस आया था। उसके बाद राज्य में वापसी हुई। लेकिन कुछ समय ही तैनात रहने के बाद वह पढाई के लिए एक साल से बाहर था। अब अपने आने से पहले ही डेपोटेशन क्लीयर करवाने की फाइल को राज्य गृह विभाग के पास भिजवा दिया है। ताकि जिस तरह से वापस ज्वाइन करे ओर उसे फिर से बाहर डेपोटेशन मिल जाए। सूत्रों का कहना है कि वह राज्य में तैनात नहीं रहना चाहता था। इसलिए उसने पढाई करते हुए अपने लिंक को सक्रिय रखा था। जब उसका बाहर कोर्स खत्म हुआ तो अपने लिंक की मदद लेकर पोस्ट को मैनेज करवाया और अपने डेपोटेशन की फाइल को एमएचए से क्लीयर करवा लिया गया। जिसके बारे में राज्य गृह विभाग को उस समय पता चला जब एमएचए की तरफ से उसे मुक्त करने की फाइल आई है। इस बैच के राज्य में कुल पांच अफसर है। जिसमें चार सीधे आईपीएस है जबकि एक एसपीएस है। इनमें मौजूदा अफसर के बाहर जाने के बाद कुल तीन आईपीएस बाहर होंगे। बाकी बचे अफसरों में एक डायरेक्ट आईपीएस तो दूसरा एसपीएस ही रह जाएगा।

आईपीएस का जुगाड आईपीएस बाहर रहते हुए ले गया डेपोटेशन पांच सालों के लिए एनआईए में डेपोटेशन लिया एक साल से पढाई के लिए बाहर था अफसर ज मू राज्य कैंडर का एक आईपीएस बाहर रहते हुए ही डेपोटेशन ले गया है। उसने एनआईए में पांच सालों के लिए अपने डेपोटेशन को मंजूरी दिलवा ली है। एमएचए से फाइल क्लीयर होने के बाद अब उसकी फाइल राज्य सरकार के पास आई है। एमएचए की तरफ से उसे जल्द मुक्त करके भेजने के लिए कहा गया है। इस समय अफसर पिछले एक साल से पढाई के लिए बाहर चल रहा था। वह विदेश में एलएलएम के कोर्स के लिए गया था। लेकिन बाहर तैनात रहते हुए ही अपने लिंक का इस्तेमाल करके डेपोटेशन मैनेज कर लिया गया। इस समय वह राज्य में बतौर आईजी पोस्ट पर है। लेकिन डेपोटेशन पर जाने में उसे एनआईए में बतौर डीआईजी लगाया गया है। जानकारी के अनुसार उक्त अफसर राज्य में एक बेहतर जगह पर तैनात था। उसे जम्मू संभाग में एक विंग की कमान दी गई थी। लेकिन कुछ समय बाद ही उसने एक साल का डेपोटेशन लिया। जिसमें विदेश में एलएलएम कोर्स करने का तर्क दिया गया। सरकार की तरफ से उसे मंजूरी दी गई। जिसके बाद पिछले साल सितंबर माह में वह चला गया था। लेकिन बाहर रहते हुए ही उसने एमएचए में सक्रिय अपने लिंक का इस्तेमाल करके एनआईए में पांच सालों का डेपोटेशन ले लिया है। एमएचए की तरफ से राज्य सरकार को पत्र भेजा गया है। जिसमें कहा गया कि उसे पांच सालों के लिए एनआईए में डेपोटेशन पर बतौर डीआईजी लगाया जा रहा है। इसलिए उसे तुंरत रिलीव किया जाए। जिससे की वह आगे ज्वाइन करके अपनी जिम्मेदारी को निभा सके। उक्त अफसर पहले भी डेपोटेशन पर बाहर तैनात रह चुका है। लंबा समय बाहर लगाने के बाद राज्य में वापस आया था। उसके बाद राज्य में वापसी हुई। लेकिन कुछ समय ही तैनात रहने के बाद वह पढाई के लिए एक साल से बाहर था। अब अपने आने से पहले ही डेपोटेशन क्लीयर करवाने की फाइल को राज्य गृह विभाग के पास भिजवा दिया है। ताकि जिस तरह से वापस ज्वाइन करे ओर उसे फिर से बाहर डेपोटेशन मिल जाए। सूत्रों का कहना है कि वह राज्य में तैनात नहीं रहना चाहता था। इसलिए उसने पढाई करते हुए अपने लिंक को सक्रिय रखा था। जब उसका बाहर कोर्स खत्म हुआ तो अपने लिंक की मदद लेकर पोस्ट को मैनेज करवाया और अपने डेपोटेशन की फाइल को एमएचए से क्लीयर करवा लिया गया। जिसके बारे में राज्य गृह विभाग को उस समय पता चला जब एमएचए की तरफ से उसे मुक्त करने की फाइल आई है। इस बैच के राज्य में कुल पांच अफसर है। जिसमें चार सीधे आईपीएस है जबकि एक एसपीएस है। इनमें मौजूदा अफसर के बाहर जाने के बाद कुल तीन आईपीएस बाहर होंगे। बाकी बचे अफसरों में एक डायरेक्ट आईपीएस तो दूसरा एसपीएस ही रह जाएगा।

Thursday, August 24, 2017

मंत्री ने जोर लगाकर इंस्पेक्टर को ही हटवा दिया पहले भी मंत्री के साथ विवाद में आया था जम्मू भाजपा के एक मंत्री ने अपने जिले में तैनात एक इंस्पेक्टर का तबादला करवाकर उसे दूसरे विंग में भेज दिया है। क्योंकि उसके जिले का चीफ इस इंस्पेक्टर के साथ था। ऐसे में उसे हटाने के लिए ऊपर से जोर लगाकर मंत्री ने उसे दूसरे विंग में भेज दिया है। उसके तबादले का आदेश बुधवार को जारी हो गया है। जानकारी के अनुसार उक्त इंस्पेक्टर अभी कुछ समय पहले ही मंत्री के जिले में लगाया गया था। वह जम्मू संभाग के एक जिले से तबादला होकर मंत्री के जिले में आया था। लेकिन उसके आने के बाद विवाद शुरु हो गया था। उसे इस जिले में एक महत्वपूर्ण थाने में बतौर थानेदार लगाया गया। लेकिन मंत्री ने जोर लगाकर पुराने थानेदार को ही रहने दिया था। जिसके बाद इस इंस्पेक्टर को दो बार लाइन में भेज दिया गया। उसे जिला चीफ की तरफ से लगातार आश्वासन दिया जा रहा था कि उसे लगाया जाएगा। उसे उसी थाने में लगाया जाएगा यहां पर वह आदेश जारी होने के बाद भी तैनात नहीं हो सका था। वह अपने अफसर का काफी बफादार बना हुआ था। जिसकी भनक मंत्री को लग गई। उसने बडे स्तर पर उसे हटाने की सिफारिश की। जिसके बाद मंत्री की सिफारिश आने के बाद इस इंस्पेक्टर को इस जिले से हटाकर दूसरे विंग में लगा दिया गया। इस तरह से मंत्री ने आगे के लिए अपने रास्ते के कांटे को हमेशा के लिए हटा दिया है। उसे हटवाने के लिए मंत्री ने पुलिस के बडे अफसर को खुद फोन करके कहा था कि उकत इंस्पेक्टर उसके जिले में हालात को खराब करने में लगा हुआ है। इसलिए उसे हटाया जाए। मंत्री की बात को सुनने के बाद अब बाकी अफसरों के साथ उसके भी तबादले का आदेश जारी कर दिया गया है। मामला यह है कि उक्त इंस्पेक्टर मंत्री की लावी का अफसर नहीं था। इसलिए मंत्री ने उसे हटवाने के लिए इतना जोर लगाया। बता दे कि उक्त अफसर का मामला पिछले दिनों काफी चर्चा में बना रहा था। क्योंकि इस अफसर को एक थाने में लगाया गया। लेकिन वहा पर तैनात पुराने थानेदार ने अपनी जगह को नहीं छोडा था। मंत्री के बीच में पडने के बाद फिर से तबादले के आदेश को कैसिंल करना पडा था। मंत्री अपने बफादार को ही उस थाने में तैनात देखना चाहता था। तब भी तबादले के मामले को लेकर लंबे समय तक माहौल गर्म रहा था। लेकिन मंत्री ने बडे स्तर पर खेल करके अपनी मर्जी से काम को करवा लिया था।

मंत्री ने जोर लगाकर इंस्पेक्टर को ही हटवा दिया पहले भी मंत्री के साथ विवाद में आया था जम्मू भाजपा के एक मंत्री ने अपने जिले में तैनात एक इंस्पेक्टर का तबादला करवाकर उसे दूसरे विंग में भेज दिया है। क्योंकि उसके जिले का चीफ इस इंस्पेक्टर के साथ था। ऐसे में उसे हटाने के लिए ऊपर से जोर लगाकर मंत्री ने उसे दूसरे विंग में भेज दिया है। उसके तबादले का आदेश बुधवार को जारी हो गया है। जानकारी के अनुसार उक्त इंस्पेक्टर अभी कुछ समय पहले ही मंत्री के जिले में लगाया गया था। वह जम्मू संभाग के एक जिले से तबादला होकर मंत्री के जिले में आया था। लेकिन उसके आने के बाद विवाद शुरु हो गया था। उसे इस जिले में एक महत्वपूर्ण थाने में बतौर थानेदार लगाया गया। लेकिन मंत्री ने जोर लगाकर पुराने थानेदार को ही रहने दिया था। जिसके बाद इस इंस्पेक्टर को दो बार लाइन में भेज दिया गया। उसे जिला चीफ की तरफ से लगातार आश्वासन दिया जा रहा था कि उसे लगाया जाएगा। उसे उसी थाने में लगाया जाएगा यहां पर वह आदेश जारी होने के बाद भी तैनात नहीं हो सका था। वह अपने अफसर का काफी बफादार बना हुआ था। जिसकी भनक मंत्री को लग गई। उसने बडे स्तर पर उसे हटाने की सिफारिश की। जिसके बाद मंत्री की सिफारिश आने के बाद इस इंस्पेक्टर को इस जिले से हटाकर दूसरे विंग में लगा दिया गया। इस तरह से मंत्री ने आगे के लिए अपने रास्ते के कांटे को हमेशा के लिए हटा दिया है। उसे हटवाने के लिए मंत्री ने पुलिस के बडे अफसर को खुद फोन करके कहा था कि उकत इंस्पेक्टर उसके जिले में हालात को खराब करने में लगा हुआ है। इसलिए उसे हटाया जाए। मंत्री की बात को सुनने के बाद अब बाकी अफसरों के साथ उसके भी तबादले का आदेश जारी कर दिया गया है। मामला यह है कि उक्त इंस्पेक्टर मंत्री की लावी का अफसर नहीं था। इसलिए मंत्री ने उसे हटवाने के लिए इतना जोर लगाया। बता दे कि उक्त अफसर का मामला पिछले दिनों काफी चर्चा में बना रहा था। क्योंकि इस अफसर को एक थाने में लगाया गया। लेकिन वहा पर तैनात पुराने थानेदार ने अपनी जगह को नहीं छोडा था। मंत्री के बीच में पडने के बाद फिर से तबादले के आदेश को कैसिंल करना पडा था। मंत्री अपने बफादार को ही उस थाने में तैनात देखना चाहता था। तब भी तबादले के मामले को लेकर लंबे समय तक माहौल गर्म रहा था। लेकिन मंत्री ने बडे स्तर पर खेल करके अपनी मर्जी से काम को करवा लिया था।

Thursday, August 3, 2017

डील की शिकायत पर डीएसपी के हटाया कुछ समय पहले ही हुआ था तैनात ज मू पुलिस मु यालय ने एक डीएसपी रेंक के अफसर का तबादला सिर्फ इसलिए किया। क्योंकि उसका नाम पर एक बडी डील करने के मामले में आया था। जिसके बाद उसे हटा दिया गया। सजा के तौर पर उसे बटालियन में लगा दिया गया। अभी कुछ समय पहले ही उसे पोस्टिंग मिली थी। लेकिन सिर्फ एक डील को करने के चक्कर में उसे हटा दिया गया। उसके खिलाफ अंदर खाते जांच भी करवाई गई थी। जिसमें उसका रोल बाहर आया था। जानकारी के अनुसार उक्त डीएसपी काफी समय से ज मू लगने की फिराक में था। उसके लिए कई जगहों से सिफारिश करवाई गई थी। जिसके बाद उसे ज मू में लगाया गया था। लेकिन यहां पर लगने के कुछ ही दिनों में उसका तबादला हो गया। बताया गया कि उसका नाम एक बडी डील में आ गया था। उसके खिलाफ शिकायत हो गई थी। पता चला कि एक तो वह अपने कर्मचारियों के कंट्रोल नहीं कर सका। दूसरा खुद एक मामले में आ गया। जिले में एक बडी डील में उसका नाम पर आ गया था। उसके खिलाफ आरोप लगे थे। जिसकी जांच करवाई गई। अंदर खाते करवाई गई इस जांच में उसका रोल आया। जिसके बाद पीएचक्यू की तरफ से उसका तबादला करने का मन बना लिया गया। लेकिन उसे अकेले हटाना नहीं चाहते थे। इसलिए कुछ दिनों का इंतजार किया गया। अब वीरवार को बाकी अफसरों के तबादले के साथ उसे भी हटा दिया गया। उसे बटालियन में सजा के तौर पर लगाया गया। हालांकि उसे कोई बेहतर पोस्टिंग काफी समय बाद मिली थी। लेकिन वहां पर भी वह ज्यादा समय नहीं निकाल पाया। सिफारिश करवाकर पोस्टिंग ली। लेकिन ज्यादा दिनों तक वहा पर तैनात रहकर काम को नहीं चला पाया है।

डील की शिकायत पर डीएसपी के हटाया कुछ समय पहले ही हुआ था तैनात ज मू पुलिस मु यालय ने एक डीएसपी रेंक के अफसर का तबादला सिर्फ इसलिए किया। क्योंकि उसका नाम पर एक बडी डील करने के मामले में आया था। जिसके बाद उसे हटा दिया गया। सजा के तौर पर उसे बटालियन में लगा दिया गया। अभी कुछ समय पहले ही उसे पोस्टिंग मिली थी। लेकिन सिर्फ एक डील को करने के चक्कर में उसे हटा दिया गया। उसके खिलाफ अंदर खाते जांच भी करवाई गई थी। जिसमें उसका रोल बाहर आया था। जानकारी के अनुसार उक्त डीएसपी काफी समय से ज मू लगने की फिराक में था। उसके लिए कई जगहों से सिफारिश करवाई गई थी। जिसके बाद उसे ज मू में लगाया गया था। लेकिन यहां पर लगने के कुछ ही दिनों में उसका तबादला हो गया। बताया गया कि उसका नाम एक बडी डील में आ गया था। उसके खिलाफ शिकायत हो गई थी। पता चला कि एक तो वह अपने कर्मचारियों के कंट्रोल नहीं कर सका। दूसरा खुद एक मामले में आ गया। जिले में एक बडी डील में उसका नाम पर आ गया था। उसके खिलाफ आरोप लगे थे। जिसकी जांच करवाई गई। अंदर खाते करवाई गई इस जांच में उसका रोल आया। जिसके बाद पीएचक्यू की तरफ से उसका तबादला करने का मन बना लिया गया। लेकिन उसे अकेले हटाना नहीं चाहते थे। इसलिए कुछ दिनों का इंतजार किया गया। अब वीरवार को बाकी अफसरों के तबादले के साथ उसे भी हटा दिया गया। उसे बटालियन में सजा के तौर पर लगाया गया। हालांकि उसे कोई बेहतर पोस्टिंग काफी समय बाद मिली थी। लेकिन वहां पर भी वह ज्यादा समय नहीं निकाल पाया। सिफारिश करवाकर पोस्टिंग ली। लेकिन ज्यादा दिनों तक वहा पर तैनात रहकर काम को नहीं चला पाया है।

Thursday, July 27, 2017

छुट्टी लेकर अपने आका से मिलने गया आईपीएस ज मू पुलिस विभाग का एक आईपीएस अफसर जोकि इन दिनों एक बडी जगह पर तैनात है। वह अधिकारिक तौर पर छुट्टी लेकर अपने आका से मिलने के लिए गया। हालांकि उसने अधिकारिक तौर पर बताया कि उसे कोई विशेष काम है। इसलिए वह एक दिन की छुट्टी लेकर जा रहा है। लेकिन सूत्रों से पता चला है कि वह अपने आका से मिलने के लिए दिल्ली में गया हुआ था। क्योंकि उसे पता है कि उसका तबादला कभी भी कही पर हो सकता है। इसलिए वह अपने आका जोकि केन्द्रीय मंत्री का बेटा है। उसे हाजिरी मारने के लिए गया हुआ था। ताकि अगर उसका तबादला हो तो उसे बेहतर जगह मिल सके। उसे कही बटालियन में ना लगा दिया जाए।

छुट्टी लेकर अपने आका से मिलने गया आईपीएस ज मू पुलिस विभाग का एक आईपीएस अफसर जोकि इन दिनों एक बडी जगह पर तैनात है। वह अधिकारिक तौर पर छुट्टी लेकर अपने आका से मिलने के लिए गया। हालांकि उसने अधिकारिक तौर पर बताया कि उसे कोई विशेष काम है। इसलिए वह एक दिन की छुट्टी लेकर जा रहा है। लेकिन सूत्रों से पता चला है कि वह अपने आका से मिलने के लिए दिल्ली में गया हुआ था। क्योंकि उसे पता है कि उसका तबादला कभी भी कही पर हो सकता है। इसलिए वह अपने आका जोकि केन्द्रीय मंत्री का बेटा है। उसे हाजिरी मारने के लिए गया हुआ था। ताकि अगर उसका तबादला हो तो उसे बेहतर जगह मिल सके। उसे कही बटालियन में ना लगा दिया जाए।

Tuesday, July 25, 2017

police headquater cancel his own order first transfer a asi to armed but after the pressure of a minister now cancel his order after two nmionths. now the asi transfer to jammu zone.

पुलिस डिपार्टमेंट ने दो महीनो में अपने आर्डर को कैंसिल किया. पहले एक पुलिस ऑफिसर का ट्रान्सफर हुआ था. अब मिनिस्टर की सिफारिश के बाद आर्डर को कैंसिल कर दिया गया. उस को वापिस जम्मू जोन में लगा दिया गया. पहले आर्डर नंबर 1741 में ट्रान्सफर हुई थी और अब आर्डर नंबर 2455 में आर्डर को कैंसल किया गया है........

Thursday, July 20, 2017

The counting of votes for the presidential election was underway today with the numbers stacked in favour of the ruling NDA's nominee Ram Nath Kovind over opposition's candidate Meira Kumar.

देश के 14वें राष्ट्रपति के फैसले के लिए जारी मतगणना के अब तक रुझान के अनुसार एनडीए के रामनाथ कोविंद का जीतना तय लग रहा है।

Photo Gallery

Cricket Today

Weather Today