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पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह से विशेष बातचीत Newsखबर. Dated: 5/6/2019 11:44:57 PM | No. of Hits 200




राज्य में आईपीएस अफसरों की कमी को पूरा किया जाएगा

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह से विशेष बातचीत


राज्य में आईपीएस अफसरों की कमी को पूरा किया जाएगा
डेपोटेशन पर गए अफसरों को वापस लाया जाएगा
अमरनाथ यात्रा पर आने वाले हर यात्री को मिलेगी पुख्ता सुरक्षा
आतंकवाद के ग्राफ को कम किया गया
छह माह में नशे के खिलाफ कडी कार्रवाई की गई
हर दिन दर्ज होते है नशे के खिलाफ आधा दर्जन मामले


गोविंद चौहान, जम्मू

राज्य में लोकसभा के चुनाव सफलतापूर्वक हुए। अब अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारी की जा रही है। यात्रा शुरु होने से पहले तैनाती कर दी जाएगी। ऐसा कहना है पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह का। उनका कहना था कि पुलिस विभाग में कई तरह के फेरबदल किए जा रहे है। सिस्टम में बदलाव किया जा रहा है। जिससे की जनता के साथ पुलिस का तालमेल बेहतर बना रहे है। इसके अलावा अपने कर्मचारियों को भी फायदा मिल सके।
1987 बैच के अफसर दिलबाग सिंह मौजूदा समय में राज्य पुलिए के चीफ है। वह राज्य में कई महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात रह चुके है। आईजी जम्मू तैनात रहते हुए उन्होंने संभाग में कई तरह के बदलाव किए थे। जिनसे कर्मचारियों की बेहतरी को काफी फायदा मिला। अब भी वह राज्य चीफ होने के नाते तीनों खितों में बेहतरी का काम कर रहे है। मूल रूप से पंजाब के रहने वाले सिंह राज्य पुलिस में अपने काम के लिए जानते जाते है। हमारे पत्रकार ने उनसे विशेष बातचीत की है।

प्रश्र: सफलतापूर्वक चुनाव होने का श्रेय किसे देते है
उत्तर: सफलतापूर्वक चुनाव होने का श्रेय जमीनी स्तर पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को देता हुं। चाहे वह किसी भी विभाग के है। पुसि तथा अन्य एजेंसियों का अहम रोल रहा। लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का जिम्मा होता है। दूसरा लोगों को मतदान केन्द्र तक जाने का सुरक्षा बाला माहौल देना हमारी ड्यूटी होती है। जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान कर सके। लोकसभा चुनावों से पहले पंचायत चुनाव हुए। एक दम से दोनों चुनाव आ गए। लेकिन पुलिस की तैयारी पूरी थी। इस कारण किसी प्रकार की कोइ परेशानी नहीं आई। प्लानिंग अच्छी हो तो बाकी काम अच्छा होता है। समय से पहले सभी काम किए गए।

प्रश्र: आतंकवाद के खिलाफ किस प्रकार के कदम उठाए जा रहे है।
उत्तर: आतंकवाद के खिलाफ एक ही रणनीति है ठोस कदम। पुलिस बाकी एजेंसियों के साथ मिलकर आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म करने के लिए काम कर रही है। एक एक सूचना र तीन तीन माह तक भी काम किया गया। उसके बाद सफल आपरेशन चलाया गया। पिछले सप्ताह हिजबुल का आतंकी टाइगर मारा गया। उसके मारे जाने से काफी फायदा मिला। वह बुरहान ग्रुप का अंतिम आतंकी था। वह इलाके में खौफ पैदा कर रहा था। उसके मारे जाने के बाद काफी फायदा मिला है। ग्राउंड पर वर्किग सिस्टम काफी बेहतर है। हर सूचना पर काम किया जाता है। पिछले छह माह में दर्जनों आतंकियों को मारा गया। हमारा आपरेशनों में कम नुकसान हो रहा है। क्योंकि हम ग्राउंड पर काम कर रहे हाते है। हमारा सिस्टम इतना बेहतर होता है कि हमे आपरेशन से पहले पता होता है कि अंदर किते और कौन सा आतंकी छिपा होता है। क्योंकि हमने सूचना तंत्र को पहले से मजबूत किया है।

प्रश्र: पुलवामा हमले में किस प्रकार की चूंक हुई
उत्तर: पुलवामा हमले में किसी प्रकार की कोई चूंक नहीं हुई है। किसी भी स्तर पर 100 प्रतिशत काम नहीं हो सकता है। हर जगह पुलिस का पहुंचना मुश्किल है। आतंकी पहाडों पर भी रहते है, जंगलों में भी रहते है। उन्हें तलाश करने के लिए समय तथा मेहनत लगती है। जोकि पुलिस विभाग कर रहा है। आतंकियों का भी अपना एक नेटवर्क होता है। जोकि उनके लिए काम करता है। लेकिन पुलवामा हमले के बाद पुलिस की तरफ से सुरक्षा को लेकर कडे कदम उठाए गए है। ताकि आगे ऐसा कोई हमला ना हो सके। पुलिस अपनी जांच में उन लोगों तक पहुंच गई है।

प्रश्र: बनिहाल में भी इसी तरह का हमला करने का प्लान था
उत्तर: बिल्कुल बनिहाल में भी इसी प्रकार की प्लानिंग की गई थी। लेकिन पुलिस ने उसे कामयाब नहीं होने दिया। हो सकता है कि अगर इस प्लान में आतंकी कामयाब होते तो आगे भी इसी प्रकार के हमले होते है। लेकिन हमने इस घटना के कुछ घंटों बाद ही आरोपी आतंकी को पकड लिया। उसके बाद कडी पूछताछ के बाद बाकी साजिशकर्ताओं को भी पकडा गया। पंजाब से भी पकड कर लाया।

प्रश्र: आतंकवाद का ग्राफ कितना कम हुआ है
उत्तर: आतंकवाद में काफी फर्क पड गया है। लेकिन अभी भी आतंकियों को मदद मिल रही है। जिससे की का करना मुश्किल होता है। कई युवा आतंकियों की मदद करते है। इतना ही नहीं कई बिगडे बर्जुग भी आतंकियों की मदद करने का काम करते है। हम लोग जब उनकी उम्र देखते है तो अच्छा नहीं लगता। सख्ती करना ठीक नहीं लगता है। लेकिन फिर भी हालात को ठीक करने के लिए करना पडता है। हमे दोनों तरफ से चीजों को बरावर रखकर चलना पडता है। जिससे की आतंकवाद भी खत्म हो सके और हालात भी खराब नहीं हो सके।

प्रश्र: किस स्तर पर काम करना ज्यादा बेहतर होता है गर्वनर रूल या फिर सीएम रूल
उत्तर: मै दोनों ही चीजों को एक जैसा समझता हुं। क्योंकि पुलिस का काम हालात ठीक रखने का है। पुलिस विभाग तब भी काम करता है और अब भी काम कर रहा है। राजीनीतिक सरकार के दौरान कुछ दखल जरूर रहती है। क्योंकि जनता नेताओं तक चलती जाती है। जिससे की हमे भी काम आते है। लेकिन फिर भी माहौल ठीक रहता है।

प्रश्र: कश्मीर में पत्थरवाजों की गिनती बढती है, इनमें कईयों को सरकार के दबाब पर छोडा भी गया।
उत्तर: मै समझता हुं कि इसके लिए नियम कडे होने चाहिए। क्योंकि जोकि पहले छोटा क्राइम करता है वही आगे जाकर बडा क्राइम भी करता है। कई कश्मीर में ऐसे युवा हुए है जोकि पथराव से शुरु हुए और बाद में आतंकवाद के रास्ते पर चले गए। अब हम पत्थरवाजों पर पूरा ट्रेक लगाए हुए है। नामी पत्थरवाजों को बंद करके उन पर पीएसए लगाया जा रहा है। हम लोगों से अील करते है कि अपने बच्चों को पत्थराव में शामिल ना होने दे। क्योंकि ऐसा करके वह देश विरोधियों की मदद करने का काम कर रहे है। जोकि कानून के हिसाब से गल्त है।

प्रश्र: साइबर क्राइम को लेकर पुलिस के कदम
उत्तर: साइबर क्राइम को लेकर लोगों को समझने की बहुत जरूरत है। माहौल ऐसा बन गया है कि अब कई ग्रुप पाकिस्तान में बाए जाते है। कश्मीर में उसके सदस्य होते है। जिससे की माहौल को खराब किया जाता है। हालांकि हम सख्ती कर रहे है। हम पचान करते रहते है। जिला स्तर पर ग्रुप चलाने वालों को रिजस्टर किया गया। आने वाले दिनों में इसके लिए ओर प्लानिंग है। जिससे की सोयाल साइटों पर होने वाली किसी भी प्रकार की हरकत के बारे में पुलिस विभाग को पता चल जाएगा। इसी क्रम में पुलिस की तरफ से एक आदमी को लोकेट किया गया है। जोकि देश के बाहर बैठ कर इन सब को हवा देता है। उसे जल्द ही पकड लिया जाएगा। अब अगर पाक से कोई मैसेज आएगा तो पुलिस को पता चल जाएगा। केन्द्र सरकार की भी इसमें मदद ली गई है। ताकि एक विंग बनाया जाए। जोकि हर समय इन बातों की पूरे देश में जांच करने का काम करे।

प्रश्र: अमरनाथ यात्रा पर सुरक्षा के क्या कदम
उत्तर: अमरनाथ यात्रा की तैनात जून माह से शुर हो जाती है। लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक तैनती की जाती है। दोनों रूट पर सैकडों जवानों को लगाया जाएगा। इस वार यात्रा को लेकर पहले से ही तैनाती कर दी जाएगी। जिससे की हम खुद निश्चंत हो सके। हमारे पास इनपुट आती रहती है। उसके लिए काम किया जाता है। अमरनाथ यात्रा पर आने वाले हर यात्री को पूरी सुरक्षा प्रदान करवाई जाएगी। पुलिस को अपना तंत्र काफी मजबूत है। बाकी एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

प्रश्र: नशा इन दिनों बडी समस्या बन गया है, पुलिस क्या कर रही है
उत्तर: पुलिस विभाग का नशे को लेकर एक ही मकसद है कि इसे जड से खत्म किया जा सके। इसके लिए काम किया जा रहा है। छह माह में नशे को लेकर बडी खेप बरामद की गई। हर दिन नशे को लेकर आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज होते है। हम लोग सप्लाई लाइन को तोडने का काम करते है। हेरोईन जैसा नशा दूसरे देशों से आता है। पुलिस ने कई वार खेप को सीमा के पास पकडा। इस पर लगाम लगाने का काम चल रहा है। पुलिस की तरफ से नशा छुडाओं केन्द्र खोले गए है। दोनों संभाग में बेहतर काम कर रहे है। हम इसमें लोगों की मदद चाहते है। जिलस स्तर पर लोगों के लिए हैल्पलाइन बनाई गई है। यहां पर नशे के बारे में जानकारी दे। लोगों को चाहिए कि वह पुलिस की मदद करे। क्योंकि इससे हमारे अपने गल्त रास्तों पर जा रहे है।

प्रश्र: पुलिस के शहीदों के लिए क्या किया जा रहा
उत्तर: पुलिस अपने शहीदों के परिवार के साथ खडी है। इयके लिए समय दर समय कदम उठाए जाते है। उनके बच्चों की पढाई को लेकर विभाग ने पालसी बनाई हुई है। हम लोग अपने वेतन से हर माह पैसे कटवाते है। ताकि उन परिवारों के लिए हर संभव मदद की जा सके। उनके लिए कई कार्यक्रम चलाए गए है।

प्रश्र: पुलिस थानों की बेहतरी के लिए क्या किया जा रहा
उत्तर: पुलिस थानों की बेहतरी के लिए काफी कदम उठाए गए है। हर थाने में कंप्यूटर से काम किया जा रहा है। हर जिले में दूर दराज तक के थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। अच्छे अफसरों को लगाया जाता है। मुझे खुशी है कि हमारे राज्य का सोपोर थाना देश के दस बडे थानों की गिनती में आया। इससे अच्छा ओर क्या हो सकता है।

प्रश्र: राज्य में सीनियर अफसरों की काफी कमी है
उत्तर: मै मानता हुं कि सीनियर अफसरों की कमी है। इसके लिए एमएचए को कहा गया है। विभागीय रिपोर्ट बनाकर सरकार को दी गई है। जिससे की अफसरों की कमी को पूरा किया जा सके। डेपोटेशन पर गए अफसरों को वापस बुलाया जाएगा। उन्हें राज्य में पोस्टिंग दी जाएगी। पिछले दिनों एक दो अफसरों को वापस बुलाकर उन्हें बेहतर जगहों पर लगाया गया है।

प्रश्र: ट्रासफर पालसी का कितना पालन हो रहा है
उत्तर: ट्रांसफर पालसी विभाग में है। लेकिन उसमें बदलाव की जरूरत है। अच्छा काम करने वालों को मौका मिलना चाहिए। सिस्टम को बदलने की जरूरत है। पुलिस विभाग के जितने विंग है। उन सभी को मुख्य विंग फीड करता है। इसलिए हमारी कोशिश रहती है कि सभी अफसरों को हर जगह पर काम करने का मौका मिले। आने वाले दिनों में इसमें बदलाव होगा।

प्रश्र: पुलिस विभाग में भर्ती को लेकर काफी परेशानियां आती है, कोर्ट के आदेश आ जाते है
उत्तर: इन दिनों पुलिस विभाग में भर्ती का काम दूसरे से करवाया जा रहा है। जिसमें आधुनिक सुविधाओं से भर्ती हो रही है। विडियो बनता है, चिप लगाने का सिस्टम है। ताकि साफ भर्ती हो सके। पिछले दिनो एसआई की भर्ती हुई। लिस्ट बाहर आने पर माननीय कोर्ट से स्टे हो गया। क्योंकि कुछ उम्मीदवार कोर्ट में चले गए। अब कोर्ट की तरफ सराहत दी गई है। लेकिन उसमें कुछ शर्त रखी गई है। हमने अपनी तरफ से फाइल को कानून विभाग को दे दिा है। आने वाले कुछ दिनों में मामला हल हो जाएगा। इसी तरह से कांस्टेबलों की भर्ती की एक लिस्ट, दमकल विभाग की एक लिस्ट भी इसी प्रकार से है।

प्रश्र: आप जनता के लिए क्या मैसेज देना चाहते है
उत्तर: जनता के लिए मैसेज देना चाहता हुं कि पुलिस की मदद की जाए। आगे आना चाहिए। जिससे की समाज से गलत चीजों को बाहर निकाला जा सके। आजकल ोयाल साइटों का गल्त इस्तेमाल हो रहा है। इसके लिए परिजनों को भी ध्यान देने की जरूरत है। अपने बच्चों पर ध्यान दे। वह किन लोगों से मिल रहे है। किस प्रकार के लोगों के साथ उनका आना जाना है। इससे युवाओं को गल्त रास्तों पर जाने से रोका जा सकता है। अगर किसी प्रकार की कोई सूचना हो तो तुंरत पुलिस तक पहुंचाए। क्योंकि अगर जनता पुलिस की मदद करने के लिए आगे आएगी तो उससे एक दम से कई बातों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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