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सलाहकार शर्मा ने राज्य की उर्जा को समृद्ध बनाने के लिए गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों का पता लगाने को कहा Newsखबर. Dated: 7/12/2019 12:17:55 AM | No. of Hits 116




सलाहकार शर्मा ने राज्य की उर्जा को समृद्ध बनाने के लिए गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों का पता लगाने को कहा
श्रीनगर 11 जुलाई 2019- राज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने आज बिजली उत्पादन में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों की खोज करने का आह्वान किया।
सलाहकार विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग और उसकी एजेंसियों द्वारा 2 मेगावाट क्षमता तक के राज्य में सौर और पनबिजली परियोजनाओं के विकास के संबंध में एक बैठक के दौरान बोल रहे थे।
बैठक में आयुक्त सचिव हृदेश कुमार, सचिव पीडीडी रिगजि़न सम्पेल, सीईओ जैकडा, पीडीडी के वरिष्ठ अधिकारी, कारगिल रिन्यूएबल डेवलपमेंट एजेंसी (ज्ञत्म्क्।) और लद्दाख रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (एलआरडीए ) के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
सलाहकार ने विभिन्न छोटी पनबिजली परियोजनाओं पर काम की स्थिति की भी समीक्षा की और उन पर काम में तेजी लाने का आह्वान किया ताकि बिजली के अंतराल को काफी कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पूरा होने से बिजली उत्पादन में बड़ा योगदान होगा।
सलाहकार ने राज्य की पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने के अलावा, सौर ऊर्जा के उचित दोहन को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर अभ्यास करने के लिए आह्वान करते हुए विद्युत ऊर्जा पैदा करने के लिए ऊर्जा के अन्य रूपों के दायरे पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए व्यापक सड़क के नक्शे के साथ आना चाहिए और लोगों को आवश्यक सब्सिडी और अन्य संबंधित चीजों को प्रदान करके इसके लाभों के बारे में जागरूक करना चाहिए।
सलाहकार ने परिप्रेक्ष्य योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि राज्य को ऊर्जा संपन्न बनाने और उत्पादन की लागत को कम करने के लिए अन्य गैर-नवीकरणीय संसाधनों का भी दोहन किया जा सके जिससे बिजली की लागत कम हो।
सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए लद्दाख के दृश्य के दायरे का उल्लेख करते हुए, सलाहकार ने उसी के दायरे को व्यापक बनाने का आह्वान किया, ताकि डिवीजन के ऊर्जा संबंधी मुद्दों को हल किया जा सके। उन्होंने कहा कि संबंधितों को जनता के बीच सौर ऊर्जा के महत्व को उत्पन्न करने की संभावनाओं का पता लगाना चाहिए क्योंकि इस ऊर्जा के क्षेत्र के लिए इस क्षेत्र में जबरदस्त क्षमता है।
बैठक में बताया गया कि जेकेडा ने 13 लघु पनबिजली परियोजनाओं के संभावित स्थलों की पहचान की है, जिनकी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (म्च्ब्) मोड में विकास के लिए प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी-2015) के तहत कुल 112.5 मेगावाट की क्षमता है।
बैठक में सांबा जिले में सौर पार्क की स्थापना, स्त्म्क्। के कार्य, करेडा और अन्य संबंधित चीजों पर भी चर्चा हुई।

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