JammuKashmir

उपराज्यपाल ने लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी Newsखबर. Dated: 1/26/2020 12:05:09 AM | No. of Hits 124




उपराज्यपाल ने लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी
जम्मू, 25 जनवरी- उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मु ने 71 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।

उपराज्यपाल के गणतंत्र दिवस संदेश का पूरा पाठ निम्नलिखित हैः
भाइयों और बहनों, 71वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर, मैं जम्मू व कश्मीर के लोगों को शुभकामनाएं और बधाई देता हूं।
1ण् आज से 71 साल पहले इसी दिन, हम लोग गणतंत्र बने थे। हमने, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को सुरक्षित करने के लिए एक तंत्र प्रदान करते हुए एक लोकतांत्रिक गणराज्य में देष को गठित किया। इसलिए, यह दिन हमारे दिलों में एक विशेष स्थान रखता है।
2ण् हमने 71 वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है। हमने समृद्ध परंपराओं, लोकाचार और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र की सफलता के लिए कई चुनौतियों को पार किया है। हम वर्श भर कई गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए यह दिवस मना रहे हैं, आइए हम अपने राश्ट्र संस्थापकों द्वारा निर्धारित मूल्यों का पालन करने के अपने संकल्प की पुष्टि करें।
3ण् पिछला वर्ष जम्मू व कश्मीर के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का वर्ष रहा है। अस्थायी प्रावधानों के निरस्तीकरण ने जम्मू व कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों के बीच कृत्रिम कानूनी और आर्थिक बाधाओं को दूर कर दिया है और इसने सही मायनों में जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से देष के साथ एकीकृत किया है। देश के बाकी हिस्सों में प्रचलित कानूनी व्यवस्थाओं और प्रणाली को जम्मू-कश्मीर के लिए लागू किया गया है। जम्मू-कश्मीर के लोग अब देश के बाकी हिस्सों की तरह ही उसी अधिकार, लाभ और संभावनाओं के साथ एक ही मंच पर खड़े हैं। अब महिलाओं और कमजोर वर्गों जैसे अनुसूचित जातियांे और जनजातियों, पश्चिम पाकिस्तान के शरणार्थियों और सफाई कर्मचारियों के पास समान लोकतांत्रिक और आर्थिक अधिकार हैं। औद्योगिक विकास और व्यापार के अवरोधों को हटा दिया गया है।
4ण् इस अवसर पर, मैं उग्रवाद से लड़ने और जम्मू-कश्मीर में जन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हमारी पुलिस और सुरक्षा बलों की बहादुरी को सलाम करता हूं। राष्ट्र को उन पर गर्व है। हम अकारण हिंसा के शिकार हुए नागरिकों को भी श्रद्धांजलि देते हैं। आतंकवाद हमारी सबसे बड़ी चिंता का विषय है भोले-भाले युवाओं को पथभ्रष्ट करने के लिए बरगलाया जाता है। हालांकि उग्रवाद की घटनाओं में भारी कमी आई है, लेकिन उनके द्वारा उत्पन्न खतरे को न केवल समाप्त करने के लिए ध्यान देने की आवश्यकता है, बल्कि इससे होने वाले नुकसान को भी रोकना होगा। जम्मू व कश्मीर के अमन पसंद लागों की शांति भंग करके विकास की गति को बाधित किए जाने वाले प्रयासों को विफल करने के लिए हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों को सजग रहने की जरूरत है।
5ण् जम्मू-कष्मीर अब एक उज्जवल भविष्य की दहलीज पर है। जैसे ही जम्मू-कष्मीर देश के बाकी हिस्सों के साथ कदम से कदम मिलाएगा, निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जोे यहां के लोगों को खुषहाली के नए अवसर प्रदान करेगा, अधिक नौकरियों और आर्थिक अवसरों के साथ अर्थव्यवस्था बढ़ेगी, कारोबार बढ़ेगा और जम्मू-कष्मीर के लोग सभी मोर्चों पर लाभ हासिल करेंगे। छात्रवृतियों, पेंषन, बीमा योजनाओं, आय समर्थन योजनाओं और ऋण जैसे व्यक्तिशः लाभ जैसी 55 केंद्रीय योजनाओं को षत-प्रतिषत कवरेज के साथ पूरी तरह से लागू किया जाएगा। 1 जनवरी 2020 से जम्मू-कश्मीर में सभी टोल पोस्टों को समाप्त कर दिया गया है। मैं उद्यमियों को विश्वास दिलाता हूं कि स्थानीय उद्योग प्रतिस्पर्धी हो, इसके लिए सरकार सभी कदम उठाएगी।
6ण् गत 1 ) वर्श कई मायनों में जम्मू-कष्मीर के लिए परिवर्तनकारी रहा है। राज्यपाल तथा राष्ट्रपति शासन के तहत, लक्ष्य सरल था - सुशासन और विकास। सुशासन प्रदान करने के लिए, परिणामों पर ध्यान देने के साथ जन केंद्रित और विकासोन्मुखी कार्य संस्कृति को अपनाया गया है। हमारा लक्ष्य परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और लाभ प्रदान करने पर रहा है। भविष्य में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए और उपाय करेंगे कि सरकार बिना किसी मनमानी या देरी के नियमों पर आधारित तरीके से चले। कानून लागू किए जाएंगे, सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, सरकारी कर्मचारियों का प्राथमिक कर्तव्य जन सेवा है और इसे सुनिश्चित किया जाएगा।
7ण् पिछले 18 महीनों में विकास के मोर्चे पर बहुत कुछ किया गया है। पिछले 3 वर्षों की तुलना में गत 1 ) वर्षों में अधिक प्रगति के साथ पीएमडीपी के कार्यान्वयन को गति प्रदान की गई है। दो एम्स, आईआईटी, आइ्रआईएम, र्प्यटन परियोजनाओं, जम्मू रिंग रोड, अखनूर रोड, चनैनी-सुध महादेव रोड, पक्कल डुल तथा किरू पन बिजली परियोजना, पावर ट्रांसमिषन तथा वितरण परियोजनाएं, स्मार्ट सिटी, डल झील, जेहलम तवी बाढ़ बहाली परियोजना, कश्मीरी विस्थापितों के लिए नौकरियां और मकान और पीओके तथा छम्ब से विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्वास पर काम शुरू हो गया है। इनमें से कई प्रगकरण जैसे कि जम्मू और श्रीनगर में दो बड़े स्टेडियम, 4 नई पुलिस बटालियन का गठन, जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे में सुधार, श्रीनगर में फ्लाईओवर और झेलम बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम का पहला चरण पूरी तरह से पूर्ण है या लगभग पूरा होने के करीब हैं। जेटीएफआरपी, जहां जुलाई 2018 में खर्च 1 प्रतिषत से कम था, अब 85 प्रतिषत परियोजनाएं प्रदान की गई हैं और लागू की जा रही हैं। यह हमारी काम करने की गंभीरता को दर्षाता है।
8ण् सुस्त परियोजनाओं को पूरा करने में, जेकेआईडीएफसी ने उल्लेखनीय काम किया है। 25 साल से अधिक पुरानी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। स्वीकृत 2,263 लंबित परियोजनाओं में से लगभग 50 प्रतिषत को मार्च 2020 तक और शेष को मार्च 2021 तक पूरा किया जाएगा। पुलों, सड़कों, पेयजल आपूर्ति योजनाओं, खेल सुविधाओं और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाओं का असर जमीन पर दिख रहा हैं।
9ण् कई अन्य प्रतिष्ठित परियोजनाओं पर भी प्रगति हुई है। रावी पर काफी अरसे से लंबित शाहपुर कंडी परियोजना निर्माणाधीन है। यह परियोजना 2023 तक 32,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई षुरू देगी। रेटले और किरू परियोजना 5 वर्षों में लगभग 1500 मेगावाट बिजली पैदा करेगी। उज्झ परियोजना, जो मंजूरी के अंतिम चरण में है और 32,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करेगी। हमें जल्द ही जम्मू और फिर श्रीनगर के लिए गैस पाइपलाइन मिल जाएगी। हम मार्च तक पीएमजीएसवाई के तहत 2,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करेंगे। जम्मू और श्रीनगर में दो मेट्रो ट्रांसिट प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है और यहां के ऐलिवेटिड लाइट रेल सिस्टम जम्मू-कष्मीर के राजधानियों के परिदृश्य में क्रांति लाएंगे। जम्मू और श्रीनगर में मेट्रोपालिटन रिजन डेवेल्पमेंट अथारिटी, जो प्रत्येक षहर में 2,000 वर्ग किलोमीटर को कवर करती हैं, ने आधुनिक, महानगरीय वातावरण के साथ 100,000 से अधिक नए आवासीय ईकाइयों के साथ बड़ी क्षेत्रीय विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया है। श्रीनगर और जम्मू में दो प्रतिष्ठित आईटी टावर बनाए जा रहे हैं जो हजारों रोजगार पैदा करेंगे और शहरों के लिए भी एक पहचान स्थल होंगे।
10ण् डल-नगीन झीलों के सौंदर्य को निखारने के लिए बहु आयामी प्रयास हो रहे हैं जिसमें वेस्टर्न फोर षोर का निर्माण, डोल डेम्ब और हाउसबोट के लिए तीन स्थानों का चयन, ट्रीटमंेट के लिए बायो-डाइजेस्टर और आधुनिक एसटीपी लगाना षामिल है।
11ण् जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना सुशासन के लक्ष्य का हिस्सा है। हमने पंचायतों, बीडीसी और नगर निकायों के चुनाव कराए हैं; हमने इनके लिए धन, कार्य और कार्यवाहकों को सौंप दिया है। पीआरआई के पास अब एक विकसित भारत में गांधीजी के आधुनिक गाँवों के सपने को साकार करने के लिए मॉडल गाँव, मॉडल पंचायत और मॉडल ब्लॉक बनाने का अवसर है। इन संस्थानों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए, बीडीसी अध्यक्षों के लिए श्रेश्ठ दर्जा और उचित मासिक मानदेय तय किया गया है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन नई विकेंद्रित संस्थाओं को सफल बनाएं। सरकार जम्मू-कश्मीर की ग्राम पंचायतों में डिजिटल विपेज सेंटर (डीवीसी) स्थापित करेगी। डीवीसी को जम्मू-कष्मीर की हर ग्राम पंचायत में आईटी सुविधाओं के साथ स्थापित किया जाएगा। ‘‘बैक टू विलेज’’ (बी2वी2) कार्यक्रम का दूसरा चरण सफलापूर्वक 25 से 30 नवंबर, 2019 तक आयोजित किया गया। इसमें पंचायती राज संस्थानों की कार्यक्षमता का आकलन और मई 2019 में हु बी2वी1 का फालोअप किया गया। 74 वाँ संवैधानिक संशोधन शहरी स्थानीय निकाय को मजबूत करता है और उन्हें शक्ति प्रदान करता है। यूएलबी को विकेंद्रीकरण द्वारा शक्तियां और जिम्मेदारियां प्रदान कर मजबूत किया जा रहा है। यूएलबी चुनावों के बाद, इन निकायों को 1,180 करोड़ रुपये अब तक मिले हैं तथा 1,335 करोड़ रुपये और मिलेंगे। ये सशक्त निकाय ऐसी संस्थाएँ बनने जा रहे हैं जो शहरी परिदृश्य को बदल देंगे।
12ण् पिछले सप्ताह 36 केंद्रीय मंत्रियों ने जम्मू-कश्मीर आकर जिलों में 60 विभिन्न स्थानों का व्यापक दौरा किया। जन पहुंच में पांच विषयों को कवर किया गया, जिसमें राष्ट्रपति शासन के दौरान व उसके उपरांत विकास और 55 लाभार्थी उन्मुख योजनाओं की षत प्रतिषत कवरेज, बुनियादी ढांचे के विकास, सुशासन और उचित कानून व्यवस्था, सभी के लिए समान अवसर और आय के समान अवसरों के साथ रोजगार पर ध्यान केंद्रित सभी क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक और आर्थिक विकास शामिल है। इस तरह के और दौरों की योजना बनाई जा रही है।
13ण् पिछले साल, माननीय प्रधान मंत्री ने लेह, जम्मू और श्रीनगर का दौरा किया। उन्होंने, न केवल 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, बल्कि उन्होंने जम्मू व कश्मीर की प्रगति और समृद्धि के लिए एक नई सोच भी दी। जून 2019 में, केंद्रीय गृह मंत्री आए और पेंशन, छात्रवृत्ति, पशुपालन और बागवानी कार्यक्रमों, और हथकरघा एवं हस्तकला योजनाओं सहित व्यक्ति केंद्रित विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि लाभ छोटे से छोटे परिवार तक भी पहुंच सके। इस सोच को पूरा करने के लिए हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। हमने पिछले वर्ष 1.3 लाख से अधिक नए पेंशन मामलों को मंजूरी दी है।
14ण् जम्मू व कश्मीर कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के प्रवृत्त है। नवंबर में हुई बेमौसम बर्फबारी और दिसंबर 2019 में हुई बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों और लोगों को राहत देने के लिए उपायुक्तों के पास पर्याप्त धन रखा गया है। सर्दियों में त्वरित कारवाई के लिए, 22 बुलडोज़र, 16 स्नो प्लो मषीने और 4 आधुनिक स्नो कटर मषीनों जैसे नए उपकरण खरीदे गए हैं। मेरा दिल इन आपदाओं से प्रभावित सभी लोगों और उन लोगों, जिन्हें सर्दियों में संकट झेलना पड़ता है, के प्रति भर जाता है। हम उनके संकट को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
15ण् जम्मू व कश्मीर में बिजली की किल्लत रहती है। सर्दियों में इसकी मांग और अधिक बढ़ जाती है। हमने मौजूदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए बिजली विभाग को 5 कंपनियों में परिवर्तित कर दिया है। इससे बिजली के परिदृश्य में धीरे-धीरे सुधार होगा। डिस्कॉम के दो एमडी दोनों डिवीजनों में बिजली व्यवस्था को कार्यात्मक बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। खराबियों को ठीक करने में समय को कम करने के लिए सभी जिलों में खंभे और ट्रांसफार्मरों का अतिरिक्त भंडार रखा गया है। जैसे ही ट्रांसमिषन और वितरध परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी और निगम सही कर्मिषयल लाइन पर चलने लगेंगे, हम उम्मीद करते हैं कि बिजली परिदृश्य में सुधार होगा।
16ण् स्वास्थ्य प्रणाली ने पिछले वर्षएक शानदार प्रदर्शन किया है। 7 नए मेडिकल कॉलेजों से, मेडिकल की सीटों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। हमने जम्मू में आयुर्वेद कॉलेज अखनूर, यूनानी कॉलेज गांदरबल, न्यू पीडियाट्रिक्स हॉस्पिटल, बेमिना, मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान और न्यू मैटरनिटी हॉस्पिटल, गांधी नगर में 1000 से अधिक पदों के सृजन को मंजूरी दी है। जम्मू व कश्मीर आयुष्मान भारत में 57 प्रतिषत परिवारों को गोल्ड कार्ड प्रदान करने के साथ अग्रणी है। हेल्थ केयर इन्वेस्टमेंट पालिसी और विजयपुर तथा अवंतीपोरा में 2 मेडी-सिटी टू जम्मू व कष्मीर को बनाएंगे।
17ण् हमारे 70 प्रतिषत से अधिक लोगों की आजीविका पैदा करने में कृषि, बागवानी, पशु और भेड़ पालन क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं। सेब के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना से सेब उगाने वालों के लिए एक न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित किया गया और आतंकवादी खतरों और कार्रवाइयों के बावजूद भी सेब का व्यापार फिर से शुरू हो गया। श्रीनगर और जम्मू में ई-प्लेटफार्म स्थापित किए जा रहे हैं। नई मंडियों की स्थापना की जा रही है और हमारे पास मंडी प्रणाली में सुधार की योजना है। निजी क्षेत्र में 1.17 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता वाले 25 सीए स्टोर स्थापित किए गए हैं। केसर की उत्पादन क्षमता और उपज को बढ़ाने के लिए इस वर्ष केसर मिषन परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। हम जम्मू-कश्मीर में केसर उत्पादन को तीन गुना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
18ण् श्रीनगर के पास खिम्बर में एक मेगा भेड़ फार्म स्थापित किया गया है। कश्मीर और जम्मू में निजी निवेशकों के लिए पोल्ट्री एस्टेट स्थापित किए जा रहे हैं। दूध और अन्य उत्पादों में जम्मू-कश्मीर को सर प्लस बनाने और इसे विशुद्ध निर्यातक बनाने के लिए एक डेयरी मिशन की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे उच्च श्रेणी की ऊन के उत्पादक के रूप में, जम्मू व कश्मीर एक जीवंत और वूल प्रोसेसिंग सेक्टर में विकसित होगा।
19ण् जम्मू-कष्मीर हर घर तक पाइप जलापूर्ति (हर घर नल से जल) प्रदान करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत अग्रणी बनने का इरादा रखता है। हम इस वर्ष 7 जिलों में और बाकी का 2021 में काम पूरा करेंगे। इस उद्देश्य के लिए पीएचई विभाग की खरीद प्रणालियों को बदला गया है। उपायुक्तों ने पंचायतों के परामर्श से जिलेवार जल सुरक्षा योजनाएं तैयार की हैं।
20ण् हमारे युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए शिक्षा और कौशल विकास महत्वपूर्ण हैं। माननीय प्रधान मंत्री ने ’मन की बात’ में राष्ट्र को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर में ’हिमायत कार्यक्रम’ की उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने अनंतनाग से रकीबुल रहमान और डोडा से फैयाज अहमद की सफलता की कहानियों को साझा किया। यह वास्तव में हमारे लिए खुशी और गर्व की बात है। साथ ही यह दर्शाता है कि जम्मू व कश्मीर प्रतिभाओं से भरा हुआ है, जिन्हें अगर समर्थन मिले तो सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। 2019 में, हमने जम्मू-कश्मीर में 52 नए कॉलेजों को मंजूरी दी और उनके लिए 572 पद सृजित किए। हम जम्मू व कश्मीर में 10 नए प्रोफेषनल कालेज स्थापित करेंगे। प्रत्येक कॉलेज को कौशल प्रशिक्षण के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक के साथ मैप किया जाएगा। छात्रों को प्रेोफेषनल प्रवेष परीक्षाओं की कोचिंग के लिए 10 जिलों में प्रति केंद्र 100 छात्रों की क्षमता वाले सुपर 50 कक्षाएं स्थापित की गईं। इसके अलावा, खानाबदोष आबादी के 29,000 से अधिक बच्चों को 1,378 सिजनल सेंटरों में शिक्षण सुविधा प्रदान की गई। नियमित शिक्षकों के रूप में 36,000 से अधिक आरईटी को नियमित करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
21ण् एक अग्रणी क्षेत्र के रूप में, पर्यटन को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता है। जम्मू व कश्मीर की अनूठी मनोहर प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन मेलों और मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन के लिए, सुध महादेव और मानतलाई को महत्वपूर्ण तीर्थ पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। हजरतबल दरगाह में कई सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर लगभग 40 कैफेटेरिया-सह- जन सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। ट्यूलिप गार्डन को रोषन करने का काम पूरा हो गया है और डल झील में म्यूजिकल फांउटेन देखने लायक हैं। हम इसे और प्रभावी बनाने के लिए राज्य में स्थापित पर्यटन ढांचे को पुननिर्मित करने का इरादा रखते हैं। हम कश्मीर और जम्मू दोनों प्रांतों में मौजूदा स्थानों के अलावा, नए गंतव्यों को बढ़ावा देंगे। आगामी निवेषक षिखर सम्मेलन में टूर व ट्रेवल और पर्यटन पर एक अलग सत्र होगा।
22ण् सरकार ने 9 विभागों में 26 सरकार से नागरिक ;जी2सीद्ध आनलाइन सेवाएं शुरू कर दी हैं। इसके अलावा, सर्वोत्तम औद्योगिक मानकों और गुणवत्ता को अपनाया जा रहा है। एक मजबूत दस्तावेज प्रबंधन सिस्टम के माध्यम से विभागों के कार्यालय रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
23ण् वन विभाग ने ‘‘ग्रीन जेएंडके ड्राइव’’ नामक एक वृक्षारोपण पहल शुरू की, जिसके तहत 50 लाख पौधों के लक्ष्य के साथ अब तक 20 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
24ण् विलेखों व दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए 67 उप-रजिस्ट्रार और अन्य आवश्यक कर्मचारियों के साथ एक स्वतंत्र पंजीकरण विभाग स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को सुविधाजनक षीघ्र और पारदर्शी तरीके से सेवाएं प्रदान करना है।
25ण् निजी क्षेत्र का निवेश विकास और रोजगार की कुंजी है। जम्मू व कश्मीर के लिए पहली बार वैष्विक विनेखक षिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरे जोरों पर है। कुछ दिनों पहले नई दिल्ली में एक पर्दापण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। बड़ी और मेगा इकाइयों और एमएसएमई के लिए एक नई औद्योगिक नीति 2020 बनाई गई है। निवेश के लिए तैयार परियोजनाओं की सूची के साथ 14 सेक्टोरल योजनाएं तैयार की जा रही है। जम्मू व कश्मीर का भविष्य उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को आकर्षित करने में निहित है जो हमारे युवाओं के लिए रोजगार पैदा कर सकता है।
26ण् सरकार गंभीरता से मिषन फॉर यूथ पर काम कर रही है। आजीविका उत्पादन, कौशल विकास, शिक्षा, वित्तीय सहायता, स्पोर्टस लीग स्थापित करने सहित मनोरंजन, परामर्ष व थेरेपी, और हैंड होल्उिंग समर्थन जैसे क्षेत्रों में हस्तेक्षेप किया जाएगा।यह पहल हमारे युवाओं के लिए वन स्टॉप षॉप होगी और उन्हें उत्पाछक जीवन जीने में सक्षम बनाएगी। इस मिषन का सर्वोच्च उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों में लगाना है।
27ण् हम सुनिश्चित करेंगे कि स्थानीय युवाओं को समान अवसर देते हुए, एक पारदर्शी तरीके से भर्तियां की जाएं। आरक्षण नीति को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। यह सब एक उचित कानूनी सहायता के साथ किया जाएगा और जल्द ही भर्तियां फिर से शुरू की जाएंगी।
28ण् कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों को कई मोर्चों पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता थी। इन प्रतिबंधों को नियमित तरीके से कम कर दिया गया है। लोगों को सुविधाएं देने के लिए हमने कठिन परिस्थितियों में भी हर संभव प्रयास किया है। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस मोर्चे पर सहयोग करने के लिए धन्यवाद देता हूं। ये सीमा पार से पैदा हो रही समस्याओं और प्रचार के कारण आवश्यक थे और हमारी प्राथमिकता थी कि कोई रक्तपात नहीं होना चाहिए और हमने उस लक्ष्य को हासिल किया है।
29ण् सुरक्षा के मोर्चे पर, पर्याप्त संख्या में बंकर अब जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैयार हो चुके हैं और बाकी जल्द ही पूरे हो जाएंगे। हमने बांदीपोरा में बंकरों को मंजूरी दी है और बारामूला और कुपवाड़ा में भी ऐसा किया जाएगा। साइबर अपराध की जांच में सुधार के लिए, जम्मू और श्रीनगर में एक-एक साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किया गया हैं। 2 महिला बटालियनों के लिए 2014 स्वीकृत पदों में से 1350 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, 2 सीमा बटालियनों के लिए स्वीकृत 2014 पदों में से, 1350 पदों पर भी सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
30ण् संवैधानिक परिवर्तनों ने विकास के नए मार्ग खोले हैं। हमें नए अवसरों का लाभ उठाने की जरूरत है। जम्मू और कश्मीर को सतत विकास के मार्ग पर लाने के लिए पहले से की गई पहल को और गति दी जाएगी। हालाँकि, हमारे अकेले के प्रयास काफी नहीं होंगे। इसके लिए लोगों को आगे आने और सरकार की पहल के पूरक बनने की जरूरत है। जैसा कि हमारे प्रधान मंत्री ने कल्पना की है हम जम्मू व कश्मीर को तेजी से विकास और उन्नति के रास्ते पर ले जाएंगे। आइए हम सब मिलकर एक नया जम्मू-कष्मीर बनाएं।
31ण् सरकार जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए बहुत बड़ा काम कर रही हैं । आज, मैं उन सभी की ओर से जम्मू कश्मीर को शांति, समृद्धि और विकास के एक नए युग में आगे बढ़ाने के लिए आपके सहयोग, आपकी साझेदारी, और आपके विष्वास का समर्थन माँग रहा हूँ।
32ण् ये ऐतिहासिक समय हैं। जम्मू-कष्मीर एक नई सुबह देख रहा है। एक सुबह जो उम्मीद जगाती है, एक सुबह जो समृद्धि लाएगी, एक सुबह जो प्रगति की ओर ले जाएगी, एक भोर जो जम्मू-कष्मीर में शांति लाएगी। गलतफहमियों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि हम अपने गणतांत्रिक मूल्यों का पालन करने के लिए उनके प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करें।
33ण् इन शब्दों के साथ, मैं एक बार फिर 71वें गणतंत्र दिवस पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

जय हिन्द

Photo Gallery

Cricket Today

Weather Today